सत्यप्रकाश मिश्रा–
भोजपुरी की मिठास अब इतनी दूषित हो गयी है कि भोजपुरी गानों की आवाज आने पर ही लोग कान में अंगुली डालने को विवश हो जाते हैं। भोजपुरी की संस्कार युक्त संस्कृति घटिया गायको की वजह से फूहड हो चुकी है जिसके कारण आये दिन मारपीट की घटनायें घटित होती हैं।
जौनपुर के बदलापुर थाना क्षेत्र के कस्तूरीपुर गांव की निषाद बस्ती में गत दिनों आई बरात में द्वारचार के समय फरमाइशी गाने को लेकर विवाद के दौरान जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने से दूल्हा और उसके पिता सहित आठ लोग घायल हो गये।
बता दें कि जनपद के बदलापुर थाना क्षेत्र में कस्तूरीपुर गांव के निषाद बस्ती निवासी हीरालाल बिंद की पुत्री कुसुम की शादी अढ़नपुर, बरईपार के ईश्वरदेव के पुत्र सुशील बरात आई। इसी दौरान बरातियों द्वारा’पियवा से पहले हमार रहलू’गाना बजाने की फरमाइश की गई। इसके बाद हुये विवाद में दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। मारपीट में दूल्हा सुशील, उसके पिता ईश्वरदेव बिंद, दिनेश, दूधनाथ, राजेश, मनीष, अजय को भी हल्की-फुल्की चोटें लगी। घटना से बारात का मजा बेमजा हो गया।









गाने तो छोड़िए आप परिवार के साथ पिक्चर भी नही देख सकते !
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