Home भदोही सरसों के खेत में व्यवसायी का शव मिलने से सनसनी

सरसों के खेत में व्यवसायी का शव मिलने से सनसनी

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परिजनों ने जतायी हत्या की आशंका

भदोही। जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के जोगिनका गांव स्थित एक सरसों के खेत में रहस्यमय परिस्थिति में अधेड़ व्यवसायी का शव पाया गया। खेत पड़े शव को देख क्षेत्र में सनसनी फैल गई, देखते ही देखते बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई ,शव की पहचान सीखापुर निवासी विजय शंकर पांडेय के रुप मे की गई जो परिवार के साथ नगर के गांधी लिंक मार्ग पर मकान बनवा कर रहते थेl
घटना के बारे में बताया जाता है कि सीखापुर गांव निवासी विजय शंकर पांडेय उर्फ विजयी 45 वर्ष जो बाबा कबूतर नाथ मंदिर के समीप गांधी लिंक मार्ग पर अपने आवास पर ही रहा करते थे। प्रतिदिन सायंकाल ज्ञानपुर रोड नगरपालिका के ठीक सामने स्थित इलेक्ट्रॉनिक की दुकान से टहलने के लिए निकलते थे। शनिवार को देर शाम प्रतिदिन की तरह दुकान बंद करने के बाद वह टहलने के लिए ज्ञानपुर रोड से सोनखरी गांव की ओर गये थे। देर शाम घर न लौटने पर परिवार के लोग खोजबीन मे लग गए लेकिन कुछ पता नही लगा। रात भर खोज बीन के दौरान सोनखरी से कठौता की तरफ जाने वाली सड़क के किनारे जोगिनका गांव स्थित राजेन्द्र के सरसों के खेत मे इनका शव मिला। रहस्यमय परिस्थिति में मिले शव को देख सनसनी फैल गई। इसकी सूचना गोपीगंज पुलिस को दी गई सूचना के घंटे भर बाद पहुची घटना स्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में ले लिया। घटना की जानकारी पर सीए सदर भूषण वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के पुत्र के मुताबिक पिता की तलाश रात से ही की जा रही थी। तलाश करते करते उनके शव को खेत में देखा गया।

कोतवाली में जुटे ग्रामीण किया हंगामा

स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति रोष भी देखा गया की सूचना देने के घंटे भर बाद तक भी पुलिस नहीं पहुंची थी। परिजनों का कहना था कि फोरेंसिक टीम आने के पहले शव को उठा लिया गया इससे हत्या के सबूत मिट सकते हैं। वहीं लोगों की नाराजगी इस बात से भी थी कि उन्हें शव थाने ले जाने की बात कही गयी किन्तु शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया। जबकि शव ले जाने के बाद बड़ी संख्या मे उनके गांव लोग भी थाने पहुच गये थे। भाजपा जिलाध्यक्ष विनय श्रीवास्तव और डिप्टी एसपी ने किसी तरह लोगों को समझा बुझााकर शांत कराया। थाने मे अपर पुलिस अधीक्षक मृतक के पुत्र व परिवार के लोगो से पूछताछ किया। मृतक के बड़े पुत्र निर्भय पुत्री आंचल व पत्नी आंचल गोपीगंज में साथ ही रहते थे। दूसरा पुत्र गणेश पांडेय दिल्ली में रह कर पढाई करता है।