भदोही। ज्ञानपुर बाहुबली विधायक विजय मिश्रा सिर्फ जिले के ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के बाहुबली विधायक के रूप में जाने जाते हैं। उनके समर्थक उन्हें विकास पुरूष की संज्ञा देते हैं। लगातार चार बार से ज्ञानपुर विधानसभा में अपनी धमक दिखाकर विजय मिश्रा चुनाव जीतते रहे हैं। पिछले दो दशक से भदोही की राजनीति में श्री मिश्रा का लगातार दबदबा बना हुआ है। पिछले दो बार से चुनाव में टिकटों का समीकरण इस तरह से बन जाता है कि विजयश्री का सेहरा उनके माथे पर बंध जाता है। हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि वे अपने विकास कार्यों से विधानसभा के मतदाताओं के दिलों में राज करते है, जिसके कारण उन्हें जीत हासिल होती है। किन्तु भदोही के ही एक भाजपा नेता ने उनके उपर गंभीर आरोप लगाते हुये उन्हें झूठा करार दिया है।

गौरतलब हो कि विधायक अपने भाषणों में चहुंमुखी विकास का दावा करते हैं। उनका कहना होता है कि विधानसभा के प्रत्येक गांवों विकास की किरण पहुंची है, किन्तु इस भाजपा नेता ने तो उन्हें झूठा करार देते हुये कहा कि विधानसभा में कोई विकास कार्य नहीं किया है। अधिवक्ता व पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के प्रदेश संयोजक आनन्द कुमार शुक्ल ने कहा कि मुखर्जी पार्क ज्ञानपुर में क्षेत्र के विधायक द्वारा विकास की बात कही गयी । जिसके बाद आज कुछ गाँव में दौरा किया तो पता चला कि ज्ञानपुर का विकास नहीं बल्कि ज्ञानपुर गढ़े में है।
कहा इसी विकास मुद्दे पर जब गाँव के लोगो से मिला तो पता चला कि ज्ञानपुर के नेता एवं क्षेत्रीय विधायक ज्ञानपुर के विकास की बात नहीं बल्कि अपने विकास की बात कर रहे हैं। गांव के युवाओं के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में न तो न्याय केन्द्र, आगनवाड़ी केन्द्र, आशावर्वकर केन्द्र, मातृशक्ति केन्द्र , नेहरू युवा केन्द्र और न ही सामुदायिक भवन दिखाई नहीं दिए। इसके अलावा वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन एवं बेरोजगार भत्ता के अलावा कोटेदार द्वारा सरकार के मानक द्वारा तय की गयी आनाज में से कोटेदार द्वारा एक यूनिटी काट कर ही अनाज दिया जाता है। भजपा नेता का कहना है कि उन्होंने खुद स्थलीय निरीक्षण करके देखा है कि सिर्फ विकास कार्यों का ढ़िढोरा पीटकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।








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