क्या आप भारत के सच्चे नागरिक हैं ? – मंजू सराठे
चौंक गए ना? कि यह कैसा सवाल है ?आपका उत्तर होगा हांँ, हांँ बिल्कुल हैं। यदि हांँ, तो क्यों आप लोग इस तरह गैर...
राजतंत्र में राजतिलक होता था, लोकतंत्र में आम चुनाव होता है- डाॅ.गिरीश कुमार वर्मा
किसी ने सुहाग को नहीं देखा मगर मान लेते हैं कि मांग का सिंदूर सुहाग है। किसी ने गणपति को नहीं देखा लेकिन मान...
यह उत्तरभारतीय बुद्धीजीवी वर्गो की वेदना है अथवा टाँग खींचने की आदत -आर बी...
कल्याण: मुंबई से सटे ठाणे जिले का कल्याण तहसील उत्तरभारतीय समुदाय का वह गढ है जहां इसके पूर्वी एवं पश्चिमी भागो में आमजनो के...
आम जनता की जिम्मेदारी से हीं मिलेगा सच्चा न्याय
जंतर-मंतर पर सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने के लिऐ जनसैलाब उमड़ पडा हैं। जों लोग ये चिल्ला रहें हैं कि देश में और...
14 सितंबर को हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं-चंद्रवीर बं.यादव
हिंदी माध्यम में पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प हिंदी दिवस पर लें। 14 सितंबर 1949 को हिंदी को संघ की राजभाषा...
आगे आकर सभी संगठित हो एकसूत्र में बंधने का प्रयास करें- राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
स्वजातीय भाइयों एवं बहनों से सर्वथा उचित मार्ग पर चलने की अपील करता रहा हूँ. इसी भावना के तहत राजनीतिक तिरस्कार सामाजिक अपमान आर्थिक...
कामायनी के सुरियावां ठहराव पर राजनीति कितनी उचित: मन की बात
भदोही। सुरियावां स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस के ठहराव के लिए जिस प्रकार से भदोही सांसद और विधायक द्वारा जो राजनीतिक प्रचार किया जा रहा...
व्रत,उपवास पर्व त्यौहारोंका था पर होली – डाॅक्टर मीरा पांडे
भारतीय परिवेश में पर्वो और त्योहारों का आना व् मनाना सम सामयिक ,प्रासंगिक एवं आत्मिक विकास ,आत्मबोध ,का द्योतक माना जाता है। जीवन की...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कवि मंगेश पेडामकर कहते हैं कुछ ऐसे
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कवि, लेखक, समाजसेवी, म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई उपाध्यक्ष मंगेश पेडामकर ने संपूर्ण भारत की महिलाओं को हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाईयाँ...
कोरोना की कहानी… एक मित्र की जुबानी..आर पी सिंह रघुवंशी
आज कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।कोरोना कब किसे छू देगा, पता नहीं। आप सभी लोग सावधान तो हैं ही,...















