कामायनी के सुरियावां ठहराव पर राजनीति कितनी उचित: मन की बात
भदोही। सुरियावां स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस के ठहराव के लिए जिस प्रकार से भदोही सांसद और विधायक द्वारा जो राजनीतिक प्रचार किया जा रहा...
मन की बात: भारत बंद से हुए नुकसान की भरपाई करेगा कौन
कभी दलित समाज की बंदी तो कभी सवर्णों की बंदी तो कभी राजनीति में बंदी ! भारत बंद का ऐलान करने वाले यह सोचते...
राजतंत्र में राजतिलक होता था, लोकतंत्र में आम चुनाव होता है- डाॅ.गिरीश कुमार वर्मा
किसी ने सुहाग को नहीं देखा मगर मान लेते हैं कि मांग का सिंदूर सुहाग है। किसी ने गणपति को नहीं देखा लेकिन मान...
भारत के इतिहास का स्वर्णयुग की आधारशिला नंदों ने रखी थी- डाॅ• गिरीश कुमार...
सैन समाज के साहित्यकार, इतिहासकार, हिंदी भाषा के महान कवि परम आदरणीय कवि डाॅक्टर गिरीश कुमार वर्मा सब के प्रणेता द्वारा नन्द वंश के...
होली के त्योहार का बदलता स्वरूप- मृदुला मिश्रा
होली! अगर अपने शब्दों में कहूं तो अपादमस्तक बदल गयी है यानी इसका ग्रामीण चोला उतर गया है और शहरीकरण हो गया है। पहले...
रामधारी सिंह “दिनकर” एक विद्रोही कवि के साथ राष्ट्रकवि थे- श्रीमती आभा दवे
हिंदी साहित्य जगत के राष्ट्रकवि एवं जन कवि श्री रामधारी सिंह दिनकर जी की आज पुण्यतिथि है। दिनकर जी ने साहित्य में जो नाम...
मन की बात: मां मुझे मार डालो
मध्य प्रदेश के मंदसौर की रेप की घटना बहुत ही दु:खद एवं अमानवीय है । उस मासूम के शब्द कि "माँ मुझे ठीक कर...
देश के मुखिया अब हमारी भी सुने- नामदार राही
माननीय राष्ट्रपति महोदय हमारी भी सुनें।
कब तक झेलें सरहद पर गोलियां? माननीय, राष्ट्रपति महोदय, आपने भी देखा, हमने भी देखा, पूरी दुनिया ने देखा...
जल संकट और काले अंग्रेज
दिल्ली से रमेश दूबे
देश की अनगिनत समस्याओं की तरह जल संकट के लिए भी काले अंग्रेज ही जिम्मेदार हैं। अंग्रेजों ने अविभाजित पंजाब में...















