मेघ फिर न बरसना 26 जुलाई की तरह- असवनी उम्मीद “लखनवी”

मानसून पूरे देश में सक्रिय हो चुका है, और हमारे देश में वर्षा का आगमन केवल रितु नही त्यौहार एवं पर्व माना जाता है,...

व्रत,उपवास पर्व त्यौहारोंका था पर होली – डाॅक्टर मीरा पांडे

भारतीय परिवेश में पर्वो और त्योहारों का आना व् मनाना सम सामयिक ,प्रासंगिक एवं आत्मिक विकास ,आत्मबोध ,का द्योतक माना जाता है। जीवन की...

आरक्षण बनाम सरकारें- राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर

इस देश में जब भी आरक्षण के बारे में चर्चा शुरू होती है तो जैसे- तुफान आ जाता है, आखिर आरक्षण है क्या? और...

होली भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है- सौ•संतोष श्रीवास्तव

पारंपरिक त्योहार होली भाईचारे  और प्रेम का प्रतीक है जिसमें बुराइयों को खत्म कर हम एक दूसरे को  रंगो से सराबोर कर गले लगाते हैं।...

अब त्योहार आये और गये जैसे हो गये – अर्चना पांडे

पिछले करीब पन्द्रह बीस सालो में बहुत तेजी से बदलाव आया है , तो जाहिर सी बात है त्यौहारों पर भी इसका असर पडा...
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मन की बात: पीड़ित विधवा को चरित्रहीन बताना कितना उचित

आज मेरा मन इस तरह से विचलित हो रहा है कि हमारा समाज तुच्छ मानसिकता की वजह से किस दिशा में जा रहा है...
हमार पूर्वांचल

आदमी का बच्चा- वंदना श्रीवास्तव

लघुकथा सुमन(मेरी गृहकार्य सहायिका) 2 महीने की छुट्टी पर गाँव जा रही है। अपने स्थान पर कार्य करने के लिए किसी को लेकर आई है।...

अनचाहा स्वप्न

आज 15 अप्रैल है, लॉक डाउन खुल चुका है। विभिन्न स्थानों पर फँसे हुए लोग अपने-अपने घर जाने की होड़ में लगे हैं। इतने...

अल्लाह मियां मेरे भाई को दीजो नंदलाल

आम तौर पर हमारे पूर्वांचल मे मुसलिम घरों मे गोद भराई के मौके पर यह सोहर गाया जाता था, कहीं कहीं आज भी गाया...

छात्र-छात्राओं पर बढते दबाव के दुष्परिणाम

सत्यप्रकाश मिश्रा मैने कभी नही सुना कि अमेरिका में बोर्ड इग्जाम के रिजल्ट आ रहे हैं या यूके में लड़कीयो ने बाजी मार ली है...