मानव रोग ग्रस्त हैं किन्तु मृत्यु ही अंतिम सत्य है-चंद्रवीर यादव
आज जिस प्रकार से हम सभी अनुभव कर रहे हैं, ढाई हजार साल पहले लुंबिनी में राजपरिवार में जन्मे सिद्धार्थ ने जब देखा कि...
आम आदमी आज आक्रोश में है-शिवप्रकाश जौनपुरी
वैसे तो पहले से ही देशवासी आक्रोश में हैं। लेकिन पुलवामा की घटना से अब आक्रोश की सीमा टूटने वाली है।अब और धैर्य की...
मन की बात: बिहार मे बिगड़े हालात – अशोक कुमार शर्मा
वास्तव में हम लोग अंधे और बहरे हैं। जो बिना भावार्थ समझे ही भावनात्मक नारों के पीछे भाग लेते हैं, जैश्रीराम, नारा लगता है...
कुछ बिना कारण ही करो-हरीश सिंह( हरिवंश)
मोदी जी ने कहा है कि 5 अप्रैल को 9 बजकर 9 मिनट के लिए लाइट बंद रखिए। दीपक जलाईए। इसके पीछे क्या लॉजिक...
कांग्रेस की अविश्वनीय छप्पी से विपक्षी चित्त
देश की वर्तमान राजनैतिक दशा को देखकर तो केवल यही लगता है कि आज देश के सभी भाजपा विरोधी दलों का उद्देश्य केवल भाजपा...
अब त्योहार आये और गये जैसे हो गये – अर्चना पांडे
पिछले करीब पन्द्रह बीस सालो में बहुत तेजी से बदलाव आया है , तो जाहिर सी बात है त्यौहारों पर भी इसका असर पडा...
विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत-हौसिला प्रसाद शर्मा
विजयादशमी, यानि कि बुराई पर अच्छाई की विजय का दिन। पता नहीं कितने वर्षों से काल का पहिया यूँ ही घूमता हुआ हर वर्ष...
लोकतंत्र की हत्या का गुनहगार कौन?
लोकतंत्र! यह वह पवित्र नाम है जिसे सुनने के बाद आत्मा एक बार तृप्ति का अनुभव करती है। किन्तु चुनाव दर चुनाव लोकतंत्र की...
बंटवारे पर बदलें बचावी विदेशनीति तभी अमन चैन
करतारपुर कोरिडोर के उद्घाटन अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा कुछ विवादित मुद्दों के उल्लेख को अनावश्यक, नकारात्मक व चिंताजनक मानना भारी...
















