सुन लॉकडाउन, तू मुझे तोड़ नहीं पायेगा
माना की मैं कमज़ोर हूँ, तेरे डरने से डरा हूँ ,
पर इतना नहींं, की तू मुझे यूँही रौंद जायेगा,
सुन लॉकडाउन, तू मुझे तोड़ नहीं...
पूर्वांचल वासियों के साहित्यिक कार्यक्रम के समाचार व साहित्यकारों की रचनायें