हमार पूर्वांचल

राम मन्दिर का निर्माण

बिरह बेदना भक्तों की अब, सही न हमसे जाए। राम भक्त सरकार बनी है, फिर भी हाए हाए। केंद्र में सरकार बना कर, राज्य में लेते...

नेह की उलझन मेघ में

क्या करूँ मैं, हे मेघा! खुश होऊँ या शोक मनाऊँ,... काल की बदरी! चहु ओर फैली है, इस बदरी को कैसे अपनाऊँ... क्या करूँ मैं, हे मेघा! खुश होऊँ या...
हमार पूर्वांचल

ओंके ओ बव्वा – लघुकथा

राम आसरे सिंह क्या हुआ ? अजीब सा शब्द लग रहा है ! वो इसलिए क्योंकि आपको आपकी नायिकाओं के नाम किसी ने बताये ही...

डर और अभिव्यक्ति – अजय शुक्ला बनारसी

लघुकथा: आज खटमलों के राजमहल के दरबार में बड़ी भीड़ लगी हुई थी, मुद्दा गम्भीर भी था आखिर उनका अस्तित्व खतरे में दिखाई दे रहा...
हमार पूर्वांचल

आदर्श चुनाव प्रक्रिया की संकल्पना: आखिर कबतक ठगी जायेगी जनता

आज देश भ्रष्टाचारियों, दलालों, जातिप्रथा मतावलंबियों, बाहुबलियों और चापलूसों से ग्रस्त है। सरकारी अधिकारियों, तंत्रों, मतदाताओं की अज्ञानता, भय, स्वार्थ और चंद टुकडों पर...
हमार पूर्वांचल

चलो पेड़–पौधे लगायें, धरती को खुशहाल बनायें

पेड़ प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पेड़ हमारा सबसे घनिष्ठ मित्र है। हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ...

डाॅ• संगीता शर्मा के सम्मान में भव्य कविगोष्ठी का हुआ आयोजन

दिल्ली साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक संस्था काव्यसृजन महिला मंच द्वारा दिनांक 30.06.2019 को शाम 5:00 बजे एनडी तिवारी भवन, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, आईटीओ, नई दिल्ली में...

शहर में आ बसा हूँ, गाँव मुझको याद आता है…

साहित्यिक संस्था काव्यसृजन की काव्यगोष्ठी दिल्ली में संपन्न राष्ट्रीय साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन के संस्थापक पं शिवप्रकाश जौनपुरी जी के मार्गदर्शन में काव्यसृजन...

राम सत्य हैं,आज भी हैं और कल भी रहेंगे- इंदु मिश्रा

नमस्कार दोस्तों मॉ वीणापाणी को नमन करते हुयें आज मन किया कि एक रचना और लिख दूँ , व्यंग गद्य विधा में , एक इंग्रेजी से...

अब ऐसे नर डर चुके,जो थे लूटत खात।

अब ऐसे नर डर चुके,जो थे लूटत खात। चौकीदार है जग रहा,खट्टे कर दिया दांत।। माल लूट का, लुट रहा,सपना आता रोज। सी बी आई जुट गई,हरदिन...