विधा – कजरी

दानी सबसे बड़ा हे भइया, माई-बाबू हऊवैं ना ।। -2 बाहर बाबू करैं मजूरी, माई घर में करैं हजूरी-2 पूरी इच्छा करैं जू ललना, जग बलिहारी हऊवैं...

जौनपुर की यह गजलकारा और मंचसंचालिका पुनः जीता झारखंडवासियो का दिल

बोकारो :सामयिक परिवेश हिंदी पत्रिका के झारखण्ड अध्याय पर पिछले महीने हुए ऑनलाईन कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागी कविगणो के लिए एक,सम्मान...
हमार पूर्वांचल

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि एवं काव्य-रसिकों की सजी महफ़िल

मुंबई : युग प्रवर्तक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी क़ी पुण्यतिथि सांताक्रुज (पूर्व) परम हॉउस के हाल में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में रत संस्था 'युग प्रवर्तक...
हमार पूर्वांचल

बात हमारे पूर्वांचल की

बात हमारे पूर्वांचल की, जिसने उठाने की ठानी है। हरि के रूप "हरिश सिंह" का ना ही कोई शानी है। उड़ान ए हौसले की, परवाज़ कभी...

लघुकथा: सतत योग-अलका पाण्डेय

हमारे मोहल्ले में एक मात्र मेडिकल स्टोर था मेडिकल स्टोर का मालिक अरुण बाबू बहुत ही रुखे स्वभाव के इंसान थे आजतक किसी से उन्होने...

भाई कैसे हो तुम

भ्रातृत्व दिवस श्याम के द्वारा लिखी गयी कविता...आपके दिल के तारों को छेड़ देगी...छू जाएगी आपके अंतर्मन को... " भाई, कैसे भाई हो तुम ? कभी पिता,...
हमार पूर्वांचल

उत्तर के गुजरात में देखो, हाहाकार मचा है

उत्तर के गुजरात में देखो, हाहाकार मचा है। दोनों तरफ की जनता के, दिल में घाव धरा है। मासूम बेचारी बच्ची का, जीवन बर्बाद किया...

विधा- कजरी—भारत की सच्ची आजादी।

(भारत की सच्ची आजादी नागपंचमी के पावन पर्व पर, स्वतंत्रता दिवस के आगमन पूर्व भारतवासी खुशहाल होकर इजहार करते हैं।) अब त फहरी तिरंगा,सब प्रदेश...

“माँ” लघुकथा – वंदना श्रीवास्तव

मेरी गृहकार्य सहायिका सुमन बाई काम समाप्त करके थोड़ा सुस्ता रही थी। उसका पीला पड़ा काँति हीन चेहरा और उदास-निराश भाव भीतर तक मुझे...
Shankar ji , God , poyetry

बोल  रहे  हर  बम बम भोले

देवाधिदेव महादेव         बृजेश दुबे अंग  भभूत  जहां के प्रसाद छने नित नूतन भंग के गोले कंकर   -   कंकर  पावन  है शिव शंकर मुक्ति के...