भारतमाता की आजादी
मै भारत माता केहलाती हु, मै पृथ्वी भी केहलाती हु और धरनी भी केहलाती हु। आप सब जानते हो मुझ पृथ्वी के ग्रवग्रीह में घिरी हुई सीता जब...
दिल को खटके …. ज़रा हटके
नादान शब्दावली, दिलमय ऐ स्वार्थ
आत्मकपट त्याग, जीवनमय यथार्थ
जीवनमय यथार्थ, ज्वलंत तो कीजिए
गुरुकुल पथमय, स्वाभिमान लीजिए
'बहुरुपीय' मौन, संस्कारी हो खानदान
शिक्षा-संस्कार, पथिक न मिलें नादान
एस, टी,...
दर्दे दिल (पप्पू का)
उठेला करेजवा में पीर पुरानी,
सबकुछ बिलायल जग में जाहिर बेईमानी ।।
2014 में भयल चुनउवा ,
हमरे कारनामा के उड़ल खूब हउवा।।
जनता लिहेसि बदला,
ओनकर छाती जुड़ानी...
गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जनभाषा प्रचार समिति के तत्वावधान में कवियों की...
ठाणे : भारतीय जन भाषा प्रचार समिति ठाणे एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद महाराष्ट्र के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मुन्ना...
गाँव गाँव में नेतन क अब बा भरमार ?मोदीजी योगीजी सोचे मन मार??
होत सबेरे ऐ लीहे मोबाईल,
कुर्तापैजामा है न्यू इस्टाइल,
झूठई भाई हाय हलो सुनावई
रही के काने मोबाइल लगावई
भगवा गमछा बांन्ही कपार,मोदीजी योगीजी सोचे।1।
घरे खेतीबारी के हाल...
जनता जनार्दन से विशेष आग्रह
जीती बड़ी लड़ाई हमने, जनता के अनुशासन से।
फिर क्यूं न हम मान रहे, जो अनुरोध हुआ प्रशासन से।
पी एम ने अनुरोध किया था, एक...
आप यह आदत ले जा रही है आपको मौत के करीब
भारत में आज भी लाखों लोगों को भर पेट भोजन नही मिलता लेकिन इसी में कुछ ऐसे भी लोग है कि उन्हें भोजन मिले...
क्या तुम लौटा सकते हो
सुनो........
क्या तुम लौटा सकते हो
मेरा चाँद
तुम्हारे लिए
जो कभी चिढ़ाता था मुझे
बादलों की ओट से छिपकर
वह नीला आसमान
लौटा सकते हो
जिसके नीचे हमदोनों
साथ बैठकर
अपने सपनों में...
उत्तर के गुजरात में देखो, हाहाकार मचा है
उत्तर के गुजरात में देखो, हाहाकार मचा है। दोनों तरफ की जनता के, दिल में घाव धरा है।
मासूम बेचारी बच्ची का, जीवन बर्बाद किया...
“माँ” लघुकथा – वंदना श्रीवास्तव
मेरी गृहकार्य सहायिका सुमन बाई काम समाप्त करके थोड़ा सुस्ता रही थी। उसका पीला पड़ा काँति हीन चेहरा और उदास-निराश भाव भीतर तक मुझे...














