कब तक मैली रहेगी गंगा
गंगा शब्द सुनते ही पवित्रता की अनुभूति होती है क्या ये गंगा अब उतनी ही पवित्र है। जितनी की पूर्व में थी। हम भारतीयों...
आप यह आदत ले जा रही है आपको मौत के करीब
भारत में आज भी लाखों लोगों को भर पेट भोजन नही मिलता लेकिन इसी में कुछ ऐसे भी लोग है कि उन्हें भोजन मिले...
संगठन अपनी जगह एवं राजनैतिक दल अपनी जगह-हरिकेश शर्मा नंदवंशी
आज हम लोग संगठन क्यों बनाते हैं उसका कारण आम नागरिकों को पता है या नहीं है यह मुझे मालूम नहीं है कोई भी...
समाज सरकार के समक्ष एकता अखंडता का परिचय दे-राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
मैं राजेंद्र प्रसाद श्याम नारायण शर्मा (ठाकुर) मईडीह मडियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश में जन्मा और जीवन यापन मुंबई में कर रहा हूँ। संघर्ष करने...
चिंताजनक है देश में हड़ताल की प्रथा
संतोष कुमार तिवारी 'विद्रोही'
देश के सभी लोग जानते है कि हड़ताल करने, बंद करने या विरोध करने से कहीं न कहीं देश की ही...
जहां से बनती है,देश के आर्थिक दशा। हर मानसून मे हो जाती है,उसकी दुर्दशा...
मुम्बई: मनपा की लापरवाही के कारण हर साल मॉनसून में देश के सबसे बड़े आर्थिक दशा को बनाए रखने वाली मुंबई की हर साल...
ज्वलंत मुद्दा: नारी कोई देह नहीं, यदि कपड़े छोटे हैं तो सोच छोटी है!
आज टीवी पर एक विज्ञापन देखा कि कपड़े छोटे नहीं होते सोच छोटी होती है, मैं भी कहती हूँ कि कपड़ें मत बदलो, समाज...
प्रउत (प्रगतिशील उपयोग तत्त्व) दर्शन की आवश्यकता क्यों ?
सभी प्राणी एक कोशिकीय प्राण देह धारी अग्रसर चित्त से लेकर बोधि संपन्न मानव तक सभी सुख की तरफ चल रहे हैं। जब सुखानुकुल...
मन की बात: भारत बंद से हुए नुकसान की भरपाई करेगा कौन
कभी दलित समाज की बंदी तो कभी सवर्णों की बंदी तो कभी राजनीति में बंदी ! भारत बंद का ऐलान करने वाले यह सोचते...















