आगे आकर सभी संगठित हो एकसूत्र में बंधने का प्रयास करें- राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
स्वजातीय भाइयों एवं बहनों से सर्वथा उचित मार्ग पर चलने की अपील करता रहा हूँ. इसी भावना के तहत राजनीतिक तिरस्कार सामाजिक अपमान आर्थिक...
जीवन में विपश्यना की अनिवार्यता और सत्यनारायण गोयनका की भूमिका- चंद्रवीर यादव
आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं। उस दुनिया में विपश्यना उसी प्रकार से जरूरी है जिस प्रकार से प्यासे के लिए पानी।...
14 सितंबर को हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं-चंद्रवीर बं.यादव
हिंदी माध्यम में पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प हिंदी दिवस पर लें। 14 सितंबर 1949 को हिंदी को संघ की राजभाषा...
भाष्कर जी …! शब्दों और सोच में यह कैसी गिरावट
भाष्कर जी ... विधानसभा चुनाव के पूर्व नेशनल इण्टर कालेज में हुये एक कार्यक्रम में भाजपा के तत्कालीन काशी प्रान्त अध्यक्ष आचार्य लक्ष्मण ने...
आरक्षण बनाम सरकारें- राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
इस देश में जब भी आरक्षण के बारे में चर्चा शुरू होती है तो जैसे- तुफान आ जाता है, आखिर आरक्षण है क्या? और...
पुलिस सर्व शक्तिमान नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिये
पुलिस एक शब्द जो हर मामले में अपने आप जुड़ जाता है। आम जिन्दगी के हर पहलू में यदि पुलिस शब्द न जुड़े तो लगता...
मन की बात : खौफ में जी रहा मुंबई का एक रेलयात्री
मुंबई : महानगर जिसे न सिर्फ मायानगरी से पहचान मिली है बल्कि इसे भारत देश की आर्थिक राजनाधी के रुप मे भी संज्ञा प्राप्त...
योगी का हनुमान जी को दलित बताना कितना जायज ?
राजस्थान की एक चुनावी सभा में रामभक्त हनुमान जी को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दलित कहा जाना किसी प्रकार से भी जायज नहीं...
बाबा साहेब डाॅ.बी.आर. अम्बेडकर विश्ववंदनीय थे- चंद्रवीर वं. यादव
भारत रत्न महामानव डॉ बाबासाहब भीमराव आंबेडकर की जयंती हम भारत वासी बड़े धूमधाम से मनाते हैं और मनाना भी चाहिए। आज हम जिस...
मन की बात: वर्दी से ही इतनी नफरत क्यों! निगाहें कुछ और क्यों नहीं...
गत 29 जून को भदोही जिले गोपीगंज कोतवाली में हुई मौत अचानक हुआ एक हादसा था। यह मौत पुलिस की पिटाई से नहीं हुई...















