14 सितंबर को हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं-चंद्रवीर बं.यादव
हिंदी माध्यम में पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प हिंदी दिवस पर लें। 14 सितंबर 1949 को हिंदी को संघ की राजभाषा...
अनचाहा स्वप्न
आज 15 अप्रैल है, लॉक डाउन खुल चुका है। विभिन्न स्थानों पर फँसे हुए लोग अपने-अपने घर जाने की होड़ में लगे हैं। इतने...
क्या गंगा पर राजनीति होनी चाहिए
जहां गंगा धर्म, संस्कृति और आस्था की प्रतीक मानी जाती है, वही गंगा पुत्र कहे जाने वाले मशहूर पर्यावरणविद जी डी अग्रवाल आईआईटी कानपुर...
होली की बदलता स्वरूप-आभा दवे
आज वक्त के अनुसार होली का स्वरुप भी बदल रहा है । आज होली दहन में वो बात नहीं है जो पहले हुआ करती...
मन की बात : राष्ट्रपति भवन में बुद्ध की प्रतिमा क्यों-मंगेश पेडामकर
क्या आपने कभी सोचा है...?
"भारत के राष्ट्रपति भवन में तथागत बुद्ध की ही प्रतिमा क्यों लगाई गयी है...? किसी हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमा क्यों नही ?
भारत...
किसान विरोधी आर्थिक नीति या सरकार- राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
भारत देश की 80% जनसंख्या गांव में रहती है और खेती-बारी, पशु-पालन वह तरह-तरह के कुटीर उधोग करके अपना जीवन यापन करते है। शेष...
जहां से बनती है,देश के आर्थिक दशा। हर मानसून मे हो जाती है,उसकी दुर्दशा...
मुम्बई: मनपा की लापरवाही के कारण हर साल मॉनसून में देश के सबसे बड़े आर्थिक दशा को बनाए रखने वाली मुंबई की हर साल...
जीवन में विपश्यना की अनिवार्यता और सत्यनारायण गोयनका की भूमिका- चंद्रवीर यादव
आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं। उस दुनिया में विपश्यना उसी प्रकार से जरूरी है जिस प्रकार से प्यासे के लिए पानी।...
मन की बात : कहीं राजनीतिक फंदे में न फँस जाये युवा शक्ति!
सदियों से यह माना जाता रहा है कि युवा शक्ति एक ऐसी शक्ति है जो देश की दशा एवं दिशा बदल सकती है। वो...
मन की बात: वर्दी से ही इतनी नफरत क्यों! निगाहें कुछ और क्यों नहीं...
गत 29 जून को भदोही जिले गोपीगंज कोतवाली में हुई मौत अचानक हुआ एक हादसा था। यह मौत पुलिस की पिटाई से नहीं हुई...
















