मेघ फिर न बरसना 26 जुलाई की तरह- असवनी उम्मीद “लखनवी”
मानसून पूरे देश में सक्रिय हो चुका है, और हमारे देश में वर्षा का आगमन केवल रितु नही त्यौहार एवं पर्व माना जाता है,...
रामधारी सिंह “दिनकर” एक विद्रोही कवि के साथ राष्ट्रकवि थे- श्रीमती आभा दवे
हिंदी साहित्य जगत के राष्ट्रकवि एवं जन कवि श्री रामधारी सिंह दिनकर जी की आज पुण्यतिथि है। दिनकर जी ने साहित्य में जो नाम...
१५ अगस्त – देश की आजादी -और एक सब्जी बेचने वाला बच्चा
अभय दूबे जी के मन की बात
15 अगस्त भारत देश की आजादी का दिन और हम सब के लिये अभिमान का दिन. आज 16 अगस्त...
तीन छेंद -अलका पाण्डेय
गुरु जी आज सभी विद्यार्थीयों को घूमाने ले जा रहे थे, सब बच्चे बहुत खुश थे क्यो कि घुमाते वक्त भी गुरु जी बच्चो...
बंटवारे पर बदलें बचावी विदेशनीति तभी अमन चैन
करतारपुर कोरिडोर के उद्घाटन अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा कुछ विवादित मुद्दों के उल्लेख को अनावश्यक, नकारात्मक व चिंताजनक मानना भारी...
संगठन अपनी जगह एवं राजनैतिक दल अपनी जगह-हरिकेश शर्मा नंदवंशी
आज हम लोग संगठन क्यों बनाते हैं उसका कारण आम नागरिकों को पता है या नहीं है यह मुझे मालूम नहीं है कोई भी...
ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग
ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग
(हमार पूर्वांचल विशेष लेख)
भारतीय सनातन परंपरा में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। यह समय प्रातः लगभग 4 बजे से...
भारत के इतिहास का स्वर्णयुग की आधारशिला नंदों ने रखी थी- डाॅ• गिरीश कुमार...
सैन समाज के साहित्यकार, इतिहासकार, हिंदी भाषा के महान कवि परम आदरणीय कवि डाॅक्टर गिरीश कुमार वर्मा सब के प्रणेता द्वारा नन्द वंश के...
होली की बदलता स्वरूप-आभा दवे
आज वक्त के अनुसार होली का स्वरुप भी बदल रहा है । आज होली दहन में वो बात नहीं है जो पहले हुआ करती...















