प्रउत (प्रगतिशील उपयोग तत्त्व) दर्शन की आवश्यकता क्यों ?
सभी प्राणी एक कोशिकीय प्राण देह धारी अग्रसर चित्त से लेकर बोधि संपन्न मानव तक सभी सुख की तरफ चल रहे हैं। जब सुखानुकुल...
पुलिस सर्व शक्तिमान नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिये
पुलिस एक शब्द जो हर मामले में अपने आप जुड़ जाता है। आम जिन्दगी के हर पहलू में यदि पुलिस शब्द न जुड़े तो लगता...
मन की बात : डॉ. धीरज सिंह
भरे बाजार एक महिला के साथ गलत हरकत किया जा रहा है,वह महिला आपके लिए माँ समान है,आप उस महिला की बहुत इज्जत करते...
दलित होता तो नंगे पांव दौड़ पड़ते डीएम, सांसद और विधायक
भदोही जिले के बरमोहनी गांव में हुई विद्यासागर दीक्षित की भुखमरी से मौत सिस्टम में व्याप्त करप्शन का एक जीता जागता उदाहरण है। उसकी...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कवि मंगेश पेडामकर कहते हैं कुछ ऐसे
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कवि, लेखक, समाजसेवी, म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई उपाध्यक्ष मंगेश पेडामकर ने संपूर्ण भारत की महिलाओं को हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाईयाँ...
समाज सरकार के समक्ष एकता अखंडता का परिचय दे-राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
मैं राजेंद्र प्रसाद श्याम नारायण शर्मा (ठाकुर) मईडीह मडियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश में जन्मा और जीवन यापन मुंबई में कर रहा हूँ। संघर्ष करने...
आप यह आदत ले जा रही है आपको मौत के करीब
भारत में आज भी लाखों लोगों को भर पेट भोजन नही मिलता लेकिन इसी में कुछ ऐसे भी लोग है कि उन्हें भोजन मिले...
होली के त्योहार का बदलता स्वरूप- मृदुला मिश्रा
होली! अगर अपने शब्दों में कहूं तो अपादमस्तक बदल गयी है यानी इसका ग्रामीण चोला उतर गया है और शहरीकरण हो गया है। पहले...
कब तक मैली रहेगी गंगा
गंगा शब्द सुनते ही पवित्रता की अनुभूति होती है क्या ये गंगा अब उतनी ही पवित्र है। जितनी की पूर्व में थी। हम भारतीयों...
लोकतंत्र की हत्या का गुनहगार कौन?
लोकतंत्र! यह वह पवित्र नाम है जिसे सुनने के बाद आत्मा एक बार तृप्ति का अनुभव करती है। किन्तु चुनाव दर चुनाव लोकतंत्र की...
















