होली के त्यौहार का बदला स्वरुप- अलका पाण्डेय
पहले होली मेल मिलाप और प्रेम का प्रतीक व वैमनस्य को भुलाने का त्यौहार माना जाता था।
पर आज इसका स्वरुप बदल रहा है घर...
राजतंत्र में राजतिलक होता था, लोकतंत्र में आम चुनाव होता है- डाॅ.गिरीश कुमार वर्मा
किसी ने सुहाग को नहीं देखा मगर मान लेते हैं कि मांग का सिंदूर सुहाग है। किसी ने गणपति को नहीं देखा लेकिन मान...
पुलिस सर्व शक्तिमान नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिये
पुलिस एक शब्द जो हर मामले में अपने आप जुड़ जाता है। आम जिन्दगी के हर पहलू में यदि पुलिस शब्द न जुड़े तो लगता...
अश्व पर सवार होकर पहुंचे संसद- लालबहादुर यादव “कमल”
मोदी जी ने भारतीय राजनीति का व्याकरण और राजनीतिशास्त्र के मानक ही बदल दिए। इस चुनाव में मोदी के वोटों के अश्वमेध के अश्व...
मानव रोग ग्रस्त हैं किन्तु मृत्यु ही अंतिम सत्य है-चंद्रवीर यादव
आज जिस प्रकार से हम सभी अनुभव कर रहे हैं, ढाई हजार साल पहले लुंबिनी में राजपरिवार में जन्मे सिद्धार्थ ने जब देखा कि...
“बेटियां” – मन की बात पवन कुमार के साथ
बेटी जो एक नारी, एक औरत, एक माँ, एक बहन और न जानें कितने रूप, ममता और प्यार का जीता जागता प्रतिक।
वह समाज और...
मन की बात: वर्दी से ही इतनी नफरत क्यों! निगाहें कुछ और क्यों नहीं...
गत 29 जून को भदोही जिले गोपीगंज कोतवाली में हुई मौत अचानक हुआ एक हादसा था। यह मौत पुलिस की पिटाई से नहीं हुई...
मुख्यमंत्री जी! क्या भदोही की पुलिस हत्यारी है
जंगीगंज(भदोही): खादी और ख़ाकी ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है। कोई लूट रहा है तो कोई आतंक फैला रहा है। शिकार केवल...
आदमी का बच्चा- वंदना श्रीवास्तव
लघुकथा
सुमन(मेरी गृहकार्य सहायिका) 2 महीने की छुट्टी पर गाँव जा रही है। अपने स्थान पर कार्य करने के लिए किसी को लेकर आई है।...
समाज सरकार के समक्ष एकता अखंडता का परिचय दे-राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
मैं राजेंद्र प्रसाद श्याम नारायण शर्मा (ठाकुर) मईडीह मडियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश में जन्मा और जीवन यापन मुंबई में कर रहा हूँ। संघर्ष करने...















