नेह की उलझन मेघ में
क्या करूँ मैं, हे मेघा!
खुश होऊँ या शोक मनाऊँ,...
काल की बदरी!
चहु ओर फैली है,
इस बदरी को कैसे अपनाऊँ...
क्या करूँ मैं, हे मेघा!
खुश होऊँ या...
अग्निशिखा मंच के तत्वावधान में सम्मान समारोह के साथ कवियों की सजी महफ़िल
नवी मुंबई । अखिल भारतीय अग्निशिखा और महिला काव्य मंच की तरफ से विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्था की अध्यक्षा श्रीमती अलका पांडे...
दीपावली स्नेह सम्मेलन के साथ साहित्यकारों की सजी महफ़िल
मुम्बई-सांताक्रुज (पूर्व):युग प्रवर्तक साहित्य संस्थान के तत्वावधान में परम हाऊस सभागृह में दिनांक 18 नवम्बर 2018 रविवार को दीपावली स्नेह सम्मेलन एवं कवि सुदामा...
आया दौर चुनाव का – मधुर
आया दौर चुनाव का,
लोकसभा का यार ।
शंखनाद अब हो चुका,
चालू हुआ प्रचार ।।
चालू हुआ प्रचार,
लग गई तोड़ा जोड़ी ।
थाम्हे सभी लगाम,
भले हो लंगड़ी घोड़ी...
वह छोटी सी बच्ची
कोमल मन और शांत सा चेहरा
कुछ सकुचाता, शर्माता चेहरा ।
भगवान को मानने वाली और भावुक भी थी ,
अच्छा सीखने वाली और खूब खेलने...
शिक्षक ही है भारत का सच्चा निर्माता
भारत में आदिकाल से गुरूओं का स्थान पूज्यनीय रहा है और आज भी है, लेकिन पहले जैसी श्रद्धा भक्ति नहीं है। गुरू ही तो...
पारडी वापी में सजी काव्यसृजन की विशेष महफ़िल
मुंबई: साहित्यिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन मुंबई की विशेष काव्यगोष्ठी गुजरात के पारडी वापी में दिनांक 8 नवम्बर 2018 गुरूवार को दीपावली एवं भाईदूज के...
अपने हिंदुस्तान को खुदा की कसम फिर से सोने की चिड़िया बनाएँगे हम –...
एनटीपीसी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ऑल इंडिया मुशायरा का किया गया आयोजन
मजबूरीयों के नाम पर सब छोड़ना पड़ा, दिल तोड़ना कठिन था...
सुधा साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में शरद पूर्णिमा पर हुई काव्यगोष्ठी
ठाणे। सुधा साहित्यिक सामाजिक संस्था के अध्यक्ष रजनी साहू और सचिव गायत्री साहू की अगुआई में दिनांक 13 अक्टूबर 2019 रविवार सायंकाल काव्य गोष्ठी...
दिल को खटके …. ज़रा हटके
नादान शब्दावली, दिलमय ऐ स्वार्थ
आत्मकपट त्याग, जीवनमय यथार्थ
जीवनमय यथार्थ, ज्वलंत तो कीजिए
गुरुकुल पथमय, स्वाभिमान लीजिए
'बहुरुपीय' मौन, संस्कारी हो खानदान
शिक्षा-संस्कार, पथिक न मिलें नादान
एस, टी,...













