हमार पूर्वांचल

संगीत साहित्य मंच की काव्यसंध्या हुई काव्यमय

ठाणे : संयोजक श्री रामजीत गुप्ता द्वारा संचालित संगीत साहित्य मंच की मासिक काव्य गोष्ठी तारीख 08 दिसंबर 2018 शनिवार सांय श्री मुन्ना बिष्ट जी...

साहित्यिक संस्‍था काव्‍यकुंज की १११३ वीं मासिक काव्‍यगोष्‍ठी में कवियों ने बिखेरा जलवा

मुंबई। साहित्यिक संस्था काव्‍यकुंज की १११३वीं मासिक काव्‍यगोष्‍ठी हौंसिला प्रसाद अन्‍वेषी की अध्‍यक्षता व रमेश श्रीवास्‍तव जी के संचालन, अंजली टूर्स एण्‍ड ट्रावेल्स श्‍यामकमल...

मुंबई के करीब मशहूर साहित्य प्रेमियो एवं रचनाकारो की सजी महफिल 

ठाणे : मीरा रोड पूर्व में प्रेमांजलि साहित्य संस्था के तत्वावधान में लक्ष्मण दुबे के निवास स्थान के प्रांगण में गज़लकार रवि केडिया के...

दर्दे दिल (पप्पू का)

उठेला करेजवा में पीर पुरानी, सबकुछ बिलायल जग में जाहिर बेईमानी ।। 2014 में भयल चुनउवा , हमरे कारनामा के उड़ल खूब हउवा।। जनता लिहेसि बदला, ओनकर छाती जुड़ानी...

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर जनभाषा प्रचार समिति के तत्वावधान में कवियों की...

ठाणे : भारतीय जन भाषा प्रचार समिति ठाणे एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद महाराष्ट्र के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मुन्ना...
hamara purvanchal

अपने हिंदुस्तान को खुदा की कसम फिर से सोने की चिड़िया बनाएँगे हम –...

एनटीपीसी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ऑल इंडिया मुशायरा का किया गया आयोजन मजबूरीयों के नाम पर सब छोड़ना पड़ा, दिल तोड़ना कठिन था...

धरती से अम्बर तक हमने देख लिया,माँ के जैसा कोई पीर- फकीर नहीं

हिंदी साहित्य डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा हिंदी दिवस (१४ सितंबर २०२०) के उपलक्ष्य में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में रचनाकारों/साहित्यकारों ने...

भारत की साहित्य परम्परा पर संगोष्ठी व सजी कवियों की महफ़िल

ठाणे भारतीय जन भाषा प्रचार समिति ठाणे (बहुभाषी काव्य गोष्ठी) एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में मुन्ना विष्ट कार्यालय सिडको बस स्टॉप...
हमार पूर्वांचल

मन को मोह लेने वाली माँ ” मनमोहनी “

अंतर आत्मा से, तो देखो मन को मोह लेने वाली है, मेरी  माँ । बुझे हुए दिए को जला कर संसार  में प्रकाश फैलाने वाली...
हमार पूर्वांचल

बात हमारे पूर्वांचल की

बात हमारे पूर्वांचल की, जिसने उठाने की ठानी है। हरि के रूप "हरिश सिंह" का ना ही कोई शानी है। उड़ान ए हौसले की, परवाज़ कभी...