रौनक ए वज्म के तत्वावधान में कवियों की सजी महफ़िल
मुंबई । 'रौनक़-ए-बज़्म' मुम्बई के तत्वाधान में दोस्तों की चौपाल का 'जीवन सौरभ' मलाड पश्चिम मुम्बई में आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मुम्बई के...
दो महीने का प्यार
शैलेष तिवारी
आज ऑफिस जल्द पहुचने के चक्कर में श्रुति जैसे ही कल्याण स्टेशन पर पहुची 9.47 लोकल के इंडिकेटर पर नजर पड़ते ही उसके...
काव्यसृजन द्वारा दीपावली स्नेह-मिलन समारोह में काव्य रसिकों के लगे ठहाके
मुंबई (गोरेगाॅव) : साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन द्वारा गोरेगाँव (पश्चिम)लालबहादुर शास्त्री मैदान, शास्त्री नगर में प्रदीप गावड़ेजी के नेतृत्व में दीपावली स्नेह...
ज्वलंत मुद्दा: नारी कोई देह नहीं, यदि कपड़े छोटे हैं तो सोच छोटी है!
आज टीवी पर एक विज्ञापन देखा कि कपड़े छोटे नहीं होते सोच छोटी होती है, मैं भी कहती हूँ कि कपड़ें मत बदलो, समाज...
व्यंगबाण : लगन तपस्या बनी रही तो 2019 दूर नहीं
मामा को भान्जों ने लूटा, रानी लूट गयी चाल में।
डाक्टर खुद पेसेन्ट हो गए, भाजपा आज रसताल में।
भाजपा रसताल में, इज्जत बच गयी इवीएम...
अपने हिंदुस्तान को खुदा की कसम फिर से सोने की चिड़िया बनाएँगे हम –...
एनटीपीसी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ऑल इंडिया मुशायरा का किया गया आयोजन
मजबूरीयों के नाम पर सब छोड़ना पड़ा, दिल तोड़ना कठिन था...
आशीर्वचन-हौसलों की उड़ान
आशीर्वचन-हौसलों की उड़ान
हरीश जी निश्चिन्त होकर, कर्म तुम करते रहो ।
पूर्वांचल की डगर पर, बिन डिगे बढ़ते रहो ।
अरुण से चमकोअनुज, शुभकामना 'देवराज' की,
झुक...
सुन लॉकडाउन, तू मुझे तोड़ नहीं पायेगा
माना की मैं कमज़ोर हूँ, तेरे डरने से डरा हूँ ,
पर इतना नहींं, की तू मुझे यूँ ही रौंद जायेगा,
सुन लॉकडाउन, तू मुझे तोड़...
चलो पेड़–पौधे लगायें, धरती को खुशहाल बनायें
पेड़ प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पेड़ हमारा सबसे घनिष्ठ मित्र है। हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ...
धरती से अम्बर तक हमने देख लिया,माँ के जैसा कोई पीर- फकीर नहीं
हिंदी साहित्य डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा हिंदी दिवस (१४ सितंबर २०२०) के उपलक्ष्य में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में रचनाकारों/साहित्यकारों ने...















