मन की बात: आखिर क्यों गिर रहा राजनीति का स्तर
मुम्बई से आनन्द पाण्डेय
वोट की राजनीति का स्तर इतना गिरता जा रहा है कि क्षेत्रीय पार्टी सपा, ममता बनर्जी, कांग्रेस, सी.पी.एम., घुसपैठियों का स्वागत...
राजतंत्र में राजतिलक होता था, लोकतंत्र में आम चुनाव होता है- डाॅ.गिरीश कुमार वर्मा
किसी ने सुहाग को नहीं देखा मगर मान लेते हैं कि मांग का सिंदूर सुहाग है। किसी ने गणपति को नहीं देखा लेकिन मान...
लोकतंत्र की हत्या का गुनहगार कौन?
लोकतंत्र! यह वह पवित्र नाम है जिसे सुनने के बाद आत्मा एक बार तृप्ति का अनुभव करती है। किन्तु चुनाव दर चुनाव लोकतंत्र की...
कोचिंग के बाजारवाद ने सफर किया मुश्किल
प्रयागराज से अंकित मिश्रा
मिर्गिसिरा (गाव में जून के पहले सप्ताह में पड़ने वाली प्रचण्ड गर्मी को बोलते हैं) के तपन से शरीर गर्म दूध...
कोरोना की कहानी… एक मित्र की जुबानी..आर पी सिंह रघुवंशी
आज कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।कोरोना कब किसे छू देगा, पता नहीं। आप सभी लोग सावधान तो हैं ही,...
जय शुक्ला के मन की बात : तुम वोट दो, मैं मौत दूंगा!
By: Jay Shukla
जब देश गुलाम था तब नेता जी सुभाषचन्द्र बोस ने नारा दिया था कि 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।'...
होली भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है- सौ•संतोष श्रीवास्तव
पारंपरिक त्योहार होली भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है जिसमें बुराइयों को खत्म कर हम एक दूसरे को रंगो से सराबोर कर गले लगाते हैं।...
होली के त्यौहार का बदला स्वरुप- अलका पाण्डेय
पहले होली मेल मिलाप और प्रेम का प्रतीक व वैमनस्य को भुलाने का त्यौहार माना जाता था।
पर आज इसका स्वरुप बदल रहा है घर...
होली के त्योहार का बदलता स्वरूप- मृदुला मिश्रा
होली! अगर अपने शब्दों में कहूं तो अपादमस्तक बदल गयी है यानी इसका ग्रामीण चोला उतर गया है और शहरीकरण हो गया है। पहले...
किसान विरोधी आर्थिक नीति या सरकार- राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर
भारत देश की 80% जनसंख्या गांव में रहती है और खेती-बारी, पशु-पालन वह तरह-तरह के कुटीर उधोग करके अपना जीवन यापन करते है। शेष...
















