नया जिन्न अब हाजिर है, सेवा में भगवान
आरक्षण की मार से, जनता थी परेशान।
10% फिर से आया, सभी लोग हैरान।
सभी लोग हैरान, करूँ क्या भाई।
फिर से कोई चाल चली क्या, नेता...
जौनपुर की यह गजलकारा और मंचसंचालिका पुनः जीता झारखंडवासियो का दिल
बोकारो :सामयिक परिवेश हिंदी पत्रिका के झारखण्ड अध्याय पर पिछले महीने हुए ऑनलाईन कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागी कविगणो के लिए एक,सम्मान...
दर्दे दिल (पप्पू का)
उठेला करेजवा में पीर पुरानी,
सबकुछ बिलायल जग में जाहिर बेईमानी ।।
2014 में भयल चुनउवा ,
हमरे कारनामा के उड़ल खूब हउवा।।
जनता लिहेसि बदला,
ओनकर छाती जुड़ानी...
डर और अभिव्यक्ति – अजय शुक्ला बनारसी
लघुकथा:
आज खटमलों के राजमहल के दरबार में बड़ी भीड़ लगी हुई थी, मुद्दा गम्भीर भी था आखिर उनका अस्तित्व खतरे में दिखाई दे रहा...
ये साल तो अच्छा साल रहे…
ये साल तो अच्छा साल रहे,
ये साल तो अच्छा साल रहे।
साज़िश न किसी की चाल रहे,
न कोई मायाजाल रहे,
रिश्वत का न अब जंजाल रहे,
हर...
अग्निशिखा मंच के तत्वावधान में सम्मान समारोह के साथ कवियों की सजी महफ़िल
नवी मुंबई । अखिल भारतीय अग्निशिखा और महिला काव्य मंच की तरफ से विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्था की अध्यक्षा श्रीमती अलका पांडे...
ताज में नमाज
ताज में नमाज अब पढ़ने ना जाना मियां
जारी फरमान पेश , केस हुआ भारी है
अमल आदेश पे हो इतना ही जान लेना
मान लेना बात...
बात हमारे पूर्वांचल की
बात हमारे पूर्वांचल की, जिसने उठाने की ठानी है।
हरि के रूप "हरिश सिंह" का ना ही कोई शानी है।
उड़ान ए हौसले की, परवाज़ कभी...
विधा – कजरी
दानी सबसे बड़ा हे भइया,
माई-बाबू हऊवैं ना ।। -2
बाहर बाबू करैं मजूरी,
माई घर में करैं हजूरी-2
पूरी इच्छा करैं जू ललना,
जग बलिहारी हऊवैं...
भाई कैसे हो तुम
भ्रातृत्व दिवस श्याम के द्वारा लिखी गयी कविता...आपके दिल के तारों को छेड़ देगी...छू जाएगी आपके अंतर्मन को...
" भाई,
कैसे भाई हो तुम ?
कभी पिता,...















