माई क पूत हंई सबनी, अब दूध क ऋण चुकावे के बाहे। महफिल—ए—गजल काव्य...

विनय शर्मा 'दीप' मुंबई । कांदीवली -पूर्व में साहित्यिक मंच "महफ़िल ए ग़ज़ल' साहित्य समागम संस्था का स्थापना दिवस, विचार मंथन के साथ काव्य संध्या...
हमार पूर्वांचल

नया जिन्न अब हाजिर है, सेवा में भगवान

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आरक्षण की मार से, जनता थी परेशान। 10% फिर से आया, सभी लोग हैरान। सभी लोग हैरान, करूँ क्या भाई। फिर से कोई चाल चली क्या, नेता...
हमार पूर्वांचल

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि एवं काव्य-रसिकों की सजी महफ़िल

मुंबई : युग प्रवर्तक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी क़ी पुण्यतिथि सांताक्रुज (पूर्व) परम हॉउस के हाल में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में रत संस्था 'युग प्रवर्तक...

ऐसा “हमार पूर्वांचल” हो कि, सब के मन में जान पड़े।

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एक साल से धूम मची है, पूर्वी कलमकारों की। नींद उड़ी है भारत के सब, भ्रष्ट हुए अधिकारों की। अब तो चर्चा शुरु हुई है, पुर्वांचल...
हमार पूर्वांचल

दीपोत्सव के उपलक्ष्य में हुआ काव्यसंध्या का आगाज़

ठाणे :हिन्दुस्तान की पावन-पवित्र, भाईचारा, स्नेह-मिलन का पर्व दीपावली के उपलक्ष्य में "संगीत साहित्य मंच ठाणे " की काव्यसंध्या का खूबसूरत नजारा सिडको बस...

अग्निशिखा मंच के तत्वावधान में सम्मान समारोह के साथ कवियों की सजी महफ़िल

नवी मुंबई । अखिल भारतीय अग्निशिखा और महिला काव्य मंच की तरफ से विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्था की अध्यक्षा श्रीमती अलका पांडे...

‘कोई माने ना माने’ पुस्तक का हुवा विमोचन, कल्याण में साहित्य प्रेमियोँ का हुआ...

कल्याण के.एम. अग्रवाल महाविद्यालय, कल्याण के ऑडिटोरियम में ओम प्रकाश पांडेय 'नमन' के गजल संग्रह "कोई माने ना माने" का लोकार्पण कवि और साहित्यकार...
Sun Rising and Man Seating on Bank of Sea Brahmamuhurta and our mind

ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग

ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग (हमार पूर्वांचल विशेष लेख) भारतीय सनातन परंपरा में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। यह समय प्रातः लगभग 4 बजे से...

आया दौर चुनाव का – मधुर

आया दौर चुनाव का, लोकसभा का यार । शंखनाद अब हो चुका, चालू हुआ प्रचार ।। चालू हुआ प्रचार, लग गई तोड़ा जोड़ी । थाम्हे सभी लगाम, भले हो लंगड़ी घोड़ी...

अपनी इच्छा के बलबूते जितना चाहूं जीना है मुझे

कर पर्वत को टुकड़े-टुकड़े, सागर को भी पीना है मुझे।। अपनी ईक्षा के बलबूते जितना चाहूं जीना है मुझे।। जीवन हो भले चार दिन का...