धरती से अम्बर तक हमने देख लिया,माँ के जैसा कोई पीर- फकीर नहीं

हिंदी साहित्य डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा हिंदी दिवस (१४ सितंबर २०२०) के उपलक्ष्य में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में रचनाकारों/साहित्यकारों ने...
Sun Rising and Man Seating on Bank of Sea Brahmamuhurta and our mind

ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग

ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग (हमार पूर्वांचल विशेष लेख) भारतीय सनातन परंपरा में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। यह समय प्रातः लगभग 4 बजे से...

अलका पाण्डेय दिल्ली में अंतराष्ट्रीय महिला साहित्यकार समारोह में हुई सम्मानित

सुश्री नियती गुप्ता, श्री नरेश नाज - महिला काव्यमंच के संस्थापक और महिला काव्यमंच के तत्वधान में हुआ अंतरराष्ट्रीय महिला समागम जिसमें देश विदेश...

वह छोटी सी बच्ची

कोमल मन और शांत सा चेहरा कुछ सकुचाता, शर्माता चेहरा । भगवान को मानने वाली और भावुक भी थी , अच्छा सीखने वाली और खूब खेलने...

साहित्यिक संस्‍था काव्‍यकुंज की १११३ वीं मासिक काव्‍यगोष्‍ठी में कवियों ने बिखेरा जलवा

मुंबई। साहित्यिक संस्था काव्‍यकुंज की १११३वीं मासिक काव्‍यगोष्‍ठी हौंसिला प्रसाद अन्‍वेषी की अध्‍यक्षता व रमेश श्रीवास्‍तव जी के संचालन, अंजली टूर्स एण्‍ड ट्रावेल्स श्‍यामकमल...

संगीत साहित्य मंच के तत्वावधान में वार्षिकोत्सव की मधुर बेला पर विराट कवि सम्मेलन

ठाणे : साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था संगीत साहित्य मंच के तत्वावधान में दिनांक 20 जनवरी 2019 रविवार सायं काशीनाथ घाणेकर नाट्यगृह पवार नगर ठाणे (पश्चिम) में...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इतिहास

राजनीतिक और नागरिक अधिकार, जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गोपनीयता के अधिकार, मानव अधिकारों की पहली पीढ़ी के अधिकार थे। आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक...

मुंबई की शायरा अलका जैन शरर ग्वालियर में हुई सम्मानित

ग्वालियर शहर में 28 जून को होटल सुख सागर में एक मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसे सदाक़त नाम की संस्था ने...

विधा- कजरी—भारत की सच्ची आजादी।

(भारत की सच्ची आजादी नागपंचमी के पावन पर्व पर, स्वतंत्रता दिवस के आगमन पूर्व भारतवासी खुशहाल होकर इजहार करते हैं।) अब त फहरी तिरंगा,सब प्रदेश...

विधा – कजरी

दानी सबसे बड़ा हे भइया, माई-बाबू हऊवैं ना ।। -2 बाहर बाबू करैं मजूरी, माई घर में करैं हजूरी-2 पूरी इच्छा करैं जू ललना, जग बलिहारी हऊवैं...