दिल को खटके …. ज़रा हटके
नादान शब्दावली, दिलमय ऐ स्वार्थ
आत्मकपट त्याग, जीवनमय यथार्थ
जीवनमय यथार्थ, ज्वलंत तो कीजिए
गुरुकुल पथमय, स्वाभिमान लीजिए
'बहुरुपीय' मौन, संस्कारी हो खानदान
शिक्षा-संस्कार, पथिक न मिलें नादान
एस, टी,...
व्यंग बाण … डॉक्टर… झोलाछाप डॉक्टर
"यम" भगवान के अवतार "झोलाछाप डॉक्टर"
सच में डाक्टर "यम" भगवान, बुखार चढ़ा था जब परवान।
हीत मीत सब ले दे कर के, पहुंच गए मंदिर...
ये साल तो अच्छा साल रहे…
ये साल तो अच्छा साल रहे,
ये साल तो अच्छा साल रहे।
साज़िश न किसी की चाल रहे,
न कोई मायाजाल रहे,
रिश्वत का न अब जंजाल रहे,
हर...
दर्दे दिल (पप्पू का)
उठेला करेजवा में पीर पुरानी,
सबकुछ बिलायल जग में जाहिर बेईमानी ।।
2014 में भयल चुनउवा ,
हमरे कारनामा के उड़ल खूब हउवा।।
जनता लिहेसि बदला,
ओनकर छाती जुड़ानी...
हरित क्रांति जनित साभ्यतिक संकट से जूझता पंजाब
विकृत विकास से मरती हुई सभ्यता बनता एक समृद्ध प्रान्त
---- उमेन्द्र दत्त
'पंजाब' कहते ही हरित क्रांति से समृद्धि पाने वाले एक प्रदेश का चित्र...
जनता की है अभिलाषा
बिन चहर दिवारी क विद्यालय, जोहत बाटइ राह हो।
क्षेत्र का लड़िके करत बाटेन, मुम्बई क नाम हो।
हे जनता के प्रतिनिधि कर दो, कुछ तो...
दीपावली स्नेह सम्मेलन के साथ साहित्यकारों की सजी महफ़िल
मुम्बई-सांताक्रुज (पूर्व):युग प्रवर्तक साहित्य संस्थान के तत्वावधान में परम हाऊस सभागृह में दिनांक 18 नवम्बर 2018 रविवार को दीपावली स्नेह सम्मेलन एवं कवि सुदामा...
व्यंग बांड़ – मामा नाम ही काफ़ी हैं
"मामा" नाम ही काफी है, लोगों को बतलाने को।
केवल रात ही काफी है, नेताओं को आजमाने को।
एड़ी चोटी एक किये सब, अब कुर्सी हथियाने...
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि एवं काव्य-रसिकों की सजी महफ़िल
मुंबई : युग प्रवर्तक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी क़ी पुण्यतिथि सांताक्रुज (पूर्व) परम हॉउस के हाल में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में रत संस्था 'युग प्रवर्तक...
इन्क़लाब,,, ज़िन्दाबाद
इन्क़लाब,,, ज़िन्दाबाद
इन्क़लाब की बलिवेदी पर,
बिस्मिल बम बम बोला था ।
देख बसंती चोला जब,
अंगरेजी शासन डोला था ।
निकल पड़े जब सरफरोश,
सीने पर गोली खाने को...













