व्यंग बांड़ – मामा नाम ही काफ़ी हैं
"मामा" नाम ही काफी है, लोगों को बतलाने को।
केवल रात ही काफी है, नेताओं को आजमाने को।
एड़ी चोटी एक किये सब, अब कुर्सी हथियाने...
हम और हमारी पहचान
जब हम इस संसार में अपनी माँ के कोख से जन्म लेकर भगवान के रूप में आते है। भगवान रूप इसलिए कहा जाता है...
नववर्ष के स्वागत में “विश्व मैत्री मंच” के तत्वावधान में कवियत्रियों की सजी महफ़िल
ठाणे (पश्चिम)
मुंबई विश्व मैत्री मंच की नववर्ष की प्रथम काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मुंबई विश्व मैत्री मंच की शाखा अध्यक्षा श्रीमती आभा दवे के...
निजी क्षेत्र के कर्मचारियों का शोषण आखिर कब तक
रिपोर्ट: राधेश्याम यादव
दैनिक जीवन में बढ रही महंगाई को सेठ और नौकर सभी कोसते रहते हैं और त्रासदी का रोना रहते हैं। क्या कोई...
संगीत साहित्य मंच की यादगार ऑन-लाइन काव्य गोष्ठी संपन्न
ठाणे। संगीत साहित्य मंच के तत्वावधान में दिनांक 11 जुलाई 2020 शनिवार शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक संगीत साहित्य मंच की 65...
भारतमाता की आजादी
गुड़िया झा
मै भारत माता केहलाती हु, मै पृथवी भी केहलाती हु, और धरनी भी केहलाती हु, आप सब जानते हो मुझ पृथवी के ग्रवग्रीह में घिरी हुई...
दिल को खटके …. ज़रा हटके
नादान शब्दावली, दिलमय ऐ स्वार्थ
आत्मकपट त्याग, जीवनमय यथार्थ
जीवनमय यथार्थ, ज्वलंत तो कीजिए
गुरुकुल पथमय, स्वाभिमान लीजिए
'बहुरुपीय' मौन, संस्कारी हो खानदान
शिक्षा-संस्कार, पथिक न मिलें नादान
एस, टी,...
जौनपुर के मजगवॉ कला में कवियों की सजी महफ़िल
जौनपुर (उ•प्र•)
राष्ट्रीय साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन उत्तर प्रदेश इकाई की मासिक काव्यगोष्ठी, इकाई के अध्यक्ष विनय अकेला जी के निवास स्थान मजगवॉकला...
ज्वलंत मुद्दा: नारी कोई देह नहीं, यदि कपड़े छोटे हैं तो सोच छोटी है!
आज टीवी पर एक विज्ञापन देखा कि कपड़े छोटे नहीं होते सोच छोटी होती है, मैं भी कहती हूँ कि कपड़ें मत बदलो, समाज...
दीपावली की मंगल बेला पर विलेपार्ले में सजी कवियों की काव्य संध्या
मुंबई । साहित्यिक संस्था काव्यकुंज की १११४वीं काव्यगोष्ठी दिनांक 27 अक्टूबर 2019 को पं. शिवप्रकाश जौनपुरी के मार्गदर्शन,श्रीमती संगीता अमलाडी जी(पूर्व उप प्रबंधक रिजर्व...












