मैं कहां तुम पर कविता लिख सकती हूँ,
मैं कहां तुम पर कविता लिख सकती हूँ,
कोइ कविता कहाँ समा पायेगी तुम्हारे निष्छल सौंदर्य में,
मैं तो कविता लिखती हूँ, दूर गगन में बैठे...
राम मन्दिर का निर्माण
बिरह बेदना भक्तों की अब, सही न हमसे जाए।
राम भक्त सरकार बनी है, फिर भी हाए हाए।
केंद्र में सरकार बना कर, राज्य में लेते...
करवा चौथ : दिल को छूने वाली एक कथा
"सुनिए जी, अगले महीने करवा चौथ है। आपको याद है ना।", परिधि ने अपने पति अभिषेक से बड़े प्रेम भरे शब्दों में कहा। "पिछली...
राम सत्य हैं,आज भी हैं और कल भी रहेंगे- इंदु मिश्रा
नमस्कार दोस्तों मॉ वीणापाणी को नमन करते हुयें
आज मन किया कि एक रचना और लिख दूँ , व्यंग गद्य विधा में ,
एक इंग्रेजी से...
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुण्यतिथि एवं काव्य-रसिकों की सजी महफ़िल
मुंबई : युग प्रवर्तक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी क़ी पुण्यतिथि सांताक्रुज (पूर्व) परम हॉउस के हाल में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में रत संस्था 'युग प्रवर्तक...
माँ– एक तस्वीर सी- हेमलता मिश्रा मानवी
नानी कहती थी माँ बड़ी खूबसूरत थी, तस्वीर सी। कहाँ जानती थी बेचारी कि उसकी सुगढ़ सलोनी बिटिया धीरे-धीरे मूक तस्वीर में ढल रही...
“माँ” लघुकथा – वंदना श्रीवास्तव
मेरी गृहकार्य सहायिका सुमन बाई काम समाप्त करके थोड़ा सुस्ता रही थी। उसका पीला पड़ा काँति हीन चेहरा और उदास-निराश भाव भीतर तक मुझे...
उस वीर पूत अभिनन्दन का, वंदन करता ‘हमार पूर्वांचल’ है..
अभिनन्दन उस अभिनन्दन का, जिसकी जननी भारत है।
जिसके वीर सपूतों से रिपु राष्ट्र हमेशा आरत है।।
जिसका सुत भरत बचपना में, सिंहों से खेला करता...
ओंके ओ बव्वा – लघुकथा
राम आसरे सिंह
क्या हुआ ? अजीब सा शब्द लग रहा है ! वो इसलिए क्योंकि आपको आपकी नायिकाओं के नाम किसी ने बताये ही...
विधा- कजरी—भारत की सच्ची आजादी।
(भारत की सच्ची आजादी नागपंचमी के पावन पर्व पर, स्वतंत्रता दिवस के आगमन पूर्व भारतवासी खुशहाल होकर इजहार करते हैं।)
अब त फहरी तिरंगा,सब प्रदेश...















