धरती से अम्बर तक हमने देख लिया,माँ के जैसा कोई पीर- फकीर नहीं
हिंदी साहित्य डॉट कॉम (हिंदी साहित्य सेवा मंच) द्वारा हिंदी दिवस (१४ सितंबर २०२०) के उपलक्ष्य में आयोजित की गयी प्रतियोगिता में रचनाकारों/साहित्यकारों ने...
सुन लॉकडाउन, तू मुझे तोड़ नहीं पायेगा
माना की मैं कमज़ोर हूँ, तेरे डरने से डरा हूँ ,
पर इतना नहींं, की तू मुझे यूँही रौंद जायेगा,
सुन लॉकडाउन, तू मुझे तोड़ नहीं...
जागऽ जागऽ जागऽऽ भोजपुरिया जवान अब
आथिर्क आजादी के होखे घमासान अब।
जागऽ जागऽ जागऽऽ भोजपुरिया जवान अब।।
तोहर राज्य काशी सबसे प्राचीन बा,
जगा जगा फईलल शैव संस्कृति के चिन्ह बा।
गौरवशाली विरासत...
काव्यसृजन महिला मंच महाराष्ट्र की प्रथम काव्यगोष्ठी वीर शहीदों के नाम
मुंबई । साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था "काव्यसृजन" की तीसरी इकाई "काव्यसृजन महिला मंच (महाराष्ट्र) का गठन व प्रथम काव्यगोष्ठी हरीश शर्मा यमदूत की...
“बाबा साहेब आप वापस आओ”
(6दिसंबर, भारत रत्न महामानव डॉ बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में उनकी याद में।)
आज हम जिस स्वतंत्र भारत में खुली सांस...
बस मेरा इतना सा कसूर, जो जन्मी बनकर के बेटी।
बर्बरता के इस तांडव को, सुनकर क्यों खून नहीं खौला।
है पूँछ रही मासूम अभीतक, क्यों न किसी ने मुह खोला।।
बस मेरा इतना सा कसूर, जो...
व्यंग बांड़ – मामा नाम ही काफ़ी हैं
"मामा" नाम ही काफी है, लोगों को बतलाने को।
केवल रात ही काफी है, नेताओं को आजमाने को।
एड़ी चोटी एक किये सब, अब कुर्सी हथियाने...
वेदों का स्वाध्याय और प्रचार सभी मनुष्यों का मुख्य कर्तव्य
मनुष्यों के अनेक कर्तव्यों में से एक कर्तव्य वेदों के सत्यस्वरूप को जानना व उनका नियमित स्वाध्याय करना है। वेदों का स्वाध्याय मनुष्य का...
विश्व मैत्री मंच के तत्वावधान में कवियत्रियों की सजी महफ़िल
मुंबई। विश्व मैत्री साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी अंधेरी जे.बी. नगर पूर्व में 3 मार्च 2019 रविवार को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।...
चित भी मेरी पट भी मेरी-इंदु भोलानाथ मिश्रा
वाह जी वाह क्या सोच है तुम्हारी, हम सब पुरूषो में ये सोच कहा। क्या बात हैं, सच मन तो उछलने लगा है कि,...













