शहर में आ बसा हूँ, गाँव मुझको याद आता है…
साहित्यिक संस्था काव्यसृजन की काव्यगोष्ठी दिल्ली में संपन्न
राष्ट्रीय साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन के संस्थापक पं शिवप्रकाश जौनपुरी जी के मार्गदर्शन में काव्यसृजन...
ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग
ब्रह्ममुहूर्त और हमारा दिमाग
(हमार पूर्वांचल विशेष लेख)
भारतीय सनातन परंपरा में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। यह समय प्रातः लगभग 4 बजे से...
एक शाम दीक्षित दनकौरी के नाम काव्यसंध्या में कवियों की सजी महफ़िल
ठाणे । भारतीय जन भाषा प्रचार समिति ठाणे एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद तथा महफ़िल ए गज़ल साहित्य समागम के तत्वावधान मुन्ना विष्ट के...
हौसलों की उड़ान
जब भी तुम्हारा हौसला आसमान में जायेगा।
होशियार रहना कोई पंख काटने जरूर आयेगा।
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भारतमाता की आजादी
मै भारत माता केहलाती हु, मै पृथ्वी भी केहलाती हु और धरनी भी केहलाती हु। आप सब जानते हो मुझ पृथ्वी के ग्रवग्रीह में घिरी हुई सीता जब...
भारतमाता की आजादी
गुड़िया झा
मै भारत माता केहलाती हु, मै पृथवी भी केहलाती हु, और धरनी भी केहलाती हु, आप सब जानते हो मुझ पृथवी के ग्रवग्रीह में घिरी हुई...
चलो पेड़–पौधे लगायें, धरती को खुशहाल बनायें
पेड़ प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पेड़ हमारा सबसे घनिष्ठ मित्र है। हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ...
अनजान रिश्ता
हमारे जीवन में पारिवारिक रिश्तों के अलावा बहुत सारे नए रिश्ते बन जाते हैं। कोई पढ़ाई के दौरान मित्र बन जाता है तो पूरे...
गाँव गाँव में नेतन क अब बा भरमार ?मोदीजी योगीजी सोचे मन मार??
होत सबेरे ऐ लीहे मोबाईल,
कुर्तापैजामा है न्यू इस्टाइल,
झूठई भाई हाय हलो सुनावई
रही के काने मोबाइल लगावई
भगवा गमछा बांन्ही कपार,मोदीजी योगीजी सोचे।1।
घरे खेतीबारी के हाल...
विधा – कजरी
दानी सबसे बड़ा हे भइया,
माई-बाबू हऊवैं ना ।। -2
बाहर बाबू करैं मजूरी,
माई घर में करैं हजूरी-2
पूरी इच्छा करैं जू ललना,
जग बलिहारी हऊवैं...















